प्रेम और अधिकार में क्या अंतर है?
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प्रेम और अधिकार में क्या अंतर है?

कभी-कभी मुझे लगता है कि हम प्रेम कम करते हैं और मालिक ज़्यादा बनना चाहते हैं। हम कहते हैं, मैं तुम्हारी बहुत परवाह करता हूँ। लेकिन कुछ ही दिनों बाद वही परवाह बदलने लगती है। कहाँ जा रहे हो? किससे बात कर रहे थे? ऑनलाइन थे, जवाब क्यों नहीं दिया? मुझे बताए बिना बाहर मत…

हम खुद को कमज़ोर क्यों समझते हैं?
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हम खुद को कमज़ोर क्यों समझते हैं?

अगर मैं तुमसे पूछूँ कि तुम कमज़ोर क्यों हो? तो शायद तुम्हारे पास कई जवाब होंगे। मेरे पास पैसे नहीं हैं, मेरे पास Support नहीं है, मेरी किस्मत खराब है, लोग मुझे समझते नहीं, मेरा बचपन अच्छा नहीं था। लेकिन क्या तुमने कभी खुद से पूछा है कि जिसे तुम अपनी कमज़ोरी कह रहे हो,…

क्या तुम अपने मन हो… या मन के ग़ुलाम ?
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क्या तुम अपने मन हो… या मन के ग़ुलाम ?

सुबह आँख खुलते ही क्या कभी तुमने देखा है कि सबसे पहले निर्णय कौन लेता है? तुम या तुम्हारा मन? मन कहता है कि आज मत उठो और तुम रुक भी जाते हो। फिर मन कहता है कि आज पढ़ाई का मन नहीं है और तुम किताब बंद कर देते हो। मन कहता है कि…

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