हम वासना के कंट्रोल में क्यों आ जाते हैं?
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हम वासना के कंट्रोल में क्यों आ जाते हैं?

  क्या हम सच में अपने मन के मालिक हैं? अगर मैं तुमसे पूछूँ तुम अपने मन के मालिक हो? शायद तुम तुरंत कहोगे हाँ। लेकिन अगर तुम्हारा मन सच में तुम्हारे नियंत्रण में है तो फिर एक ग़लत विचार को रोक क्यों नहीं पाते? एक अश्लील तस्वीर देखकर बार-बार उसी ओर क्यों खिंच जाते…

श्रीकृष्ण ने अर्जुन से युद्ध करने के लिए क्यों कहा?
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श्रीकृष्ण ने अर्जुन से युद्ध करने के लिए क्यों कहा?

अर्जुन युद्ध क्यों नहीं करना चाहता था? जब भी महाभारत की बात होती है एक सवाल अक्सर मन में आता है। अगर श्रीकृष्ण प्रेम, करुणा और शांति की बात करते थे तो फिर उन्होंने अर्जुन से युद्ध करने के लिए क्यों कहा? क्या युद्ध ही समाधान था? या उसके पीछे कोई और बात छिपी थी?युद्ध…

स्त्री को देवी कहना आसान है इंसान मानना इतना कठिन क्यों?
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स्त्री को देवी कहना आसान है इंसान मानना इतना कठिन क्यों?

स्त्री को देवी कहने और सम्मान देने में क्या अंतर है? हमारे समाज में एक अजीब परंपरा है। स्त्री को देवी कहना आसान है, लेकिन उसे एक स्वतंत्र इंसान की तरह देखना शायद उससे कहीं कठिन है। त्यौहार आए तो हम कहते है कि नारी शक्ति है।, नारी देवी है। उसके चरण छूते हैं पूजा…

प्रेम और अधिकार में क्या अंतर है?
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प्रेम और अधिकार में क्या अंतर है?

कभी-कभी मुझे लगता है कि हम प्रेम कम करते हैं और मालिक ज़्यादा बनना चाहते हैं। हम कहते हैं, मैं तुम्हारी बहुत परवाह करता हूँ। लेकिन कुछ ही दिनों बाद वही परवाह बदलने लगती है। कहाँ जा रहे हो? किससे बात कर रहे थे? ऑनलाइन थे, जवाब क्यों नहीं दिया? मुझे बताए बिना बाहर मत…

हम खुद को कमज़ोर क्यों समझते हैं?
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हम खुद को कमज़ोर क्यों समझते हैं?

अगर मैं तुमसे पूछूँ कि तुम कमज़ोर क्यों हो? तो शायद तुम्हारे पास कई जवाब होंगे। मेरे पास पैसे नहीं हैं, मेरे पास Support नहीं है, मेरी किस्मत खराब है, लोग मुझे समझते नहीं, मेरा बचपन अच्छा नहीं था। लेकिन क्या तुमने कभी खुद से पूछा है कि जिसे तुम अपनी कमज़ोरी कह रहे हो,…

क्या तुम अपने मन हो… या मन के ग़ुलाम ?
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क्या तुम अपने मन हो… या मन के ग़ुलाम ?

सुबह आँख खुलते ही क्या कभी तुमने देखा है कि सबसे पहले निर्णय कौन लेता है? तुम या तुम्हारा मन? मन कहता है कि आज मत उठो और तुम रुक भी जाते हो। फिर मन कहता है कि आज पढ़ाई का मन नहीं है और तुम किताब बंद कर देते हो। मन कहता है कि…

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