स्त्री को देवी कहना आसान है… इंसान मानना इतना कठिन क्यों?
हमारे समाज में एक अजीब परंपरा है। त्यौहार आए तो हम कहते है कि नारी शक्ति है।, नारी देवी है। उसके चरण छूते हैं पूजा करते हैं और फूल चढ़ाते हैं। लेकिन जैसे ही वही स्त्री अपने जीवन का कोई निर्णय लेना चाहती है अचानक वह देवी नहीं रहती। वह कहे मुझे अभी शादी नहीं…
